Hindi Ki Adarsh kahaniya (हिंदी की आदर्श कहानियां) PDF – Munshi Premchand

हिंदी की आदर्श कहानियां – कहानी की परिभापा-कहानी है क्या है इसकी परिभाषा क्या होगी? साधारण रूप से काम चलाने के लिए मिस्टरर की परिभाषा कुछ काम दे सकती है– याप कहते -It is es of crises, relative to each other and bringing about a max अर्थात् कहानी परस्पर सम्बद्ध महत्वपूर्ण घटनाश्नों का क्रम है जो । परिणाम पर पहुंचाती है। साहित्य मानव-जीवन का चित्र माना गया हो कहानी को हम मानव-जीवन की एक झनक कह सकते हैं। वर्तमान युग में कहानीकता ने काफी उन्नति कर ली है, और हम नहीं रुगते अभी उसकी चरम सीमा कहाँ होगी। 

इस पुस्तक के लेखक श्री मुंशी प्रेमचंद है। यह पुस्तक हिंदी भाषा में लिखित है। इस पुस्तक का कुल भार 4.24 MB है एवं कुल पृष्ठों की संख्या 136 है। निचे दिए हुए डाउनलोड बटन द्वारा आप इस पुस्तक को डाउनलोड कर सकते है।  पुस्तकें हमारी सच्ची मित्र होती है। यह हमारा ज्ञान बढ़ाने के साथ साथ जीवन में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करती है। हमारे वेबसाइट JaiHindi पर आपको मुफ्त में अनेको पुस्तके मिल जाएँगी। आप उन्हें मुफ्त में पढ़े और अपना ज्ञान बढ़ाये।

Writer (लेखक ) मुंशी प्रेमचंद
Book Language ( पुस्तक की भाषा ) Hindi | हिंदी
Book Size (पुस्तक का साइज़ )
4.24 MB
Total Pages (कुल पृष्ठ) 136
Book Category (पुस्तक श्रेणी) कहानी / Story

पुस्तक का एक अंश

पुराने जमाने की माख्या और आजकल की गल्प’ वा कहानी में बहुत अन्तर हो गया है। एरण्डर मै पु ने Philosophy of short Story पर लिखते समय स्थान पर लिखा है’A true short story is something other and something Pre than mere short story, is short A true short ory differs from the novel chiefly in its essentials-unity c\pression in a far more exact and precise use of words short story has unity which a novel cannot have A crt story deals with a single character or a series of emotions called forth by a single situation must be an organic whole.

कहानी की सफलता – आधुनिक कहानी में सर्वांगपूर्ण और चुस्ती बहुत आवश्यक वस्तु है। मिस्टर एडगर एलान पो — इसे Totality कहते है। कहानी ऐसी होनी चाहिए जिसे पढ़ने के पश्चात पाठको को किसी कमी का अनुभव न हो। एक स्थान पर मिस्टर Poe अपने विचार प्रकट करते हुए लिखते है – 

‘In the whole composition there should be no wo) – written of which the tendency, direct or indirect is not the one pre-established design The idea of the tale is presented unblemished, because undisturbed, is an end.’ unattainable by the novel. Undue brevity is just as exceptionable here, as in a poem, but undue length yet more to be avoided’ 

कहानी और उपन्यास-कहानी और उपन्यास में फेवल विस्तारही फा अन्तर नहीं है, वरन् दोनों दो भिन्न वस्तुएँ हैं। दोनों के उद्देश्य और प्रकृति में महान अन्तर है। साधारणत: कथानक-साहित्य के तीन भेद उपलब्ध है। उपन्यास, लघु उपन्यास और कहानी । उपन्यास का युग पाश्चात्य देशों में ना रहा है। मिस्टर किलिग ने इसी हेतु कहा था–‘The three volume novel is extinct’

कहानियों की सूची

इस पुस्तक में आपको निम्न कहानी मिलेंगी – 

1. कहानी उसने कहा था  –  (श्री चन्द्रघर शर्मा गुलेरी)

2. राजपुतानी का प्रायश्चित्त  –  (श्री सुदर्शन) 

3. विद्रोही  –  (श्री विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक)

4. ब्याह   –  (श्री जैनेन्द्रकुमार)

5. मधुग्रा  –  (श्री जयशकर प्रसाद)

6. पानवाली  –  (श्री चतुरसेन शाली)

7. सम्राट् का खत  –  (श्री राम कृष्णदास)

8. पछतावा  –  (श्री प्रेमचन्द)

9. गुनमुन  –  (श्री भारतीय एम० ए०)

10. परिवर्तन  –  (श्री वीरेश्वरसिंह वी० ए०) 

11. मौसा  –  (श्री भुवनेश्वरप्रसाद)

12. फूटा शीशा  –  (श्री सद्गुरुशरण अवस्थी, एम०ए०)

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