Hindi Quran Surah Fatiha | हिंदी कुरान सूरे फातिहा PDF

हिंदी कुरान सूरे फातिहा, रघुनाथप्रसाद मिश्र के द्वारा लिखी गयी इस्लामिक धार्मिक पुस्तक  है। यह पुस्तक हिंदी भाषा में लिखित है। इस पुस्तक में कुरान के आयतों का हिन्दी में अनुवाद दिया गया है। इस पुस्तक का कुल भार 24.93 MB है एवं कुल पृष्ठों की संख्या 636 है। नीचे दिए हुए डाउनलोड बटन द्वारा आप इस पुस्तक को डाउनलोड कर सकते है।  पुस्तकें हमारी सच्ची मित्र होती है। यह हमारा ज्ञान बढ़ाने के साथ साथ जीवन में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करती है। हमारे वेबसाइट JaiHindi पर आपको मुफ्त में अनेको पुस्तके मिल जाएँगी। आप उन्हें मुफ्त में पढ़े और अपना ज्ञान बढ़ाये।

Writer (लेखक ) रघुनाथप्रसाद मिश्र
Book Language ( पुस्तक की भाषा ) हिंदी
Book Size (पुस्तक का साइज़ )
24.93 MB
Total Pages (कुल पृष्ठ) 636
Book Category (पुस्तक श्रेणी) Religious / धार्मिक

पुस्तक का एक मशीनी अनुवादित अंश

कारी हुआ न सच्चे सागे परही हरे ( क़ायम) रहे ( १६) श्नका कहाचत उस आदसी कीसी हे जिसने झाग जलाई फिर जब उसके श्रास पास की चीजे जगमगा उठी तो अल्लाहने उनका रोशन (श्मांख) छोनलो झीर उनको झन्धचेर मे छोड़ दिया कि उनको कुछ नही सकता ( १७ ) चहरे गगे अन्धे कि वह सच्चे सारण पर नही आसकक्‍ते ( १८) यह उनको ऐसी मिसारू (दृप्शंत ) हे कि आकाश से बिक बनने जल बरसे उसमे अधेश और गज ओर विजलो हो और मरने के डर से कड़क के पारे अंगुलियां काना में ठंसलेतें ह और अल्लाह इनकार करनेवालो को घेरे हुये हे। ( १६ ) क़रं/व है कि बिज॒ले उनकी निगाह को ऋपका दे, जब उनके आगे बिजली चसकी तो उसमे चले और जब उनपर अन्धर छागया तो खड़े रहगय, अगर अल्लाह चाहें तो उनके छुनने और देखते की शक्तियां छीनले; निश्सन्देह अछाह हर चीज्ञ पर शक्ति ( क्वत ) रखनेबाला है। (२०) ( रुक ३ ) छोगो |

अपने पालनकर्चा को पञञा करे जिखते छहुम को और उन लोगों की जो तुम से पहिल्े हो! शुज्ञर हू पंदा किया आश्चप्य नहीं तुम ( भी ) संय्ी ( परहेज्ञगार ) चनजाओ (२१ ) जिससे तुम्हारे छिये पृथ्वी ( ज़्मेन ) का फर्श बनाया ओर आकाश का छत और आकाश से पानी वर्ष कर उससे ठम्हार खाने के फल पंदा किये; पस किसी को अल्लाह के समान संत वनाओ आर तुम वो जानते हो (२२९) ओर चह तो हयने आपने चन्दे ( सोहम्मद ) पर ( क़रान ) उतारा है अगर तुम को उससे सन्‍्देह (शक्त) हो तो तुम उसके मानिन्द्‌ ( उसी शक्क की ) एक्त सूरत बनालाओ ओर खच्चे हो तो अपने हिपायतियो को घुलाओ | (२२) पस अगर ( इतनी वात भी ) न करसको झौर कद्मापि ( हरगिज्ञ ) न करसकोगे तो ( नरक की ) आग से डरे जिसके ईंधन आदस! और पत्थर होंगे और वह इन्कार करनेवालों फिये ) के लिये तय्यार है।

डिस्क्लेमर – यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं।

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